मुंबई: मुलुंड पुलिस ने सत्रह साल पहले जमीन के पुराने विवाद में हुई हत्या के एक मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले सत्रह वर्षों से अपनी पहचान और ठिकाना बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था।
क्या है पूरा मामला यह
सनसनीखेज मामला 20 जून 2009 का है।
आरोपी फिरोज, अफरोज और उनके दो अन्य साथियों ने आपसी साजिश
के तहत जमीन के पुराने विवाद को लेकर मसकूर नामक व्यक्ति के सिर पर हथौड़े से वार
कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस संबंध में मुलुंड पुलिस स्टेशन में भारतीय
दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत
मामला दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी फिरोज मोहम्मद सुलेमान शेख
(उम्र 39 वर्ष) फरार था और पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।
पुलिस ने उसके पैतृक गांव और संभावित ठिकानों पर कई बार तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उसे
आधिकारिक तौर पर वांटेड घोषित कर दिया गया था।
तांत्रिक जांच और खुफिया जानकारी से बिछाया जाल मुलुंड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के मार्गदर्शन में सपोनि लभडे
और पोउनि महाजन की एक विशेष टीम इस मामले की नए सिरे से छानबीन कर रही थी। पुलिस
टीम ने खुफिया तंत्र और आधुनिक तकनीकी जांच (तांत्रिक तपास) का सहारा लिया। जांच
के दौरान पुलिस को पुख्ता खबर मिली कि आरोपी फिरोज लगातार अपने मोबाइल नंबर और सिम
कार्ड बदलकर टिटवाळा के बनेली गांव इलाके में छिपकर रह रहा है। वह वहां अपनी पहचान
छिपाकर एक कंस्ट्रक्शन साइट पर फिटर का काम कर रहा था और अपने परिवार के साथ रह
रहा था।
छापेमारी कर दबोचा गया आरोपी सटीक
जानकारी मिलते ही जांच दल ने टिटवाळा पूर्व के बनेली गांव स्थित लक्ष्मण चाल में
दबिश दी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने
अपना नाम फिरोज मोहम्मद सुलेमान शेख (मूल निवासी: डोगज, कटिहार, बिहार) बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने
जमीन के पुराने विवाद के कारण साथियों के साथ मिलकर मसकूर की हत्या करने की बात
कबूल कर ली। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की
जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुलुंड पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक पूरी की गई।
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