विशेष संवाददाता — मुंबई
पूर्वोत्तर
मुंबई के मुलुंड,
भांडुप और कांजुरमार्ग पट्टे में इन दिनों इमारतों के
पुनर्विकास (Redevelopment)
की लहर चल रही है। पुरानी सोसायटियों की जगह गगनचुंबी
इमारतें आकार ले रही हैं, लेकिन इस शहरी बदलाव के साथ एक नई और
गंभीर समस्या ने जन्म लिया है—इंटीरियर डियोडरेंट वेस्ट यानी 'गृह
नवीनीकरण का मलबा'। इस बुनियादी समस्या से परेशान स्थानीय नागरिकों की राह आसान करने के लिए
मुलुंड के सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता विट्ठल सातपुते ने एक सुनियोजित पहल शुरू
की है, जिसे क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
बीएमसी के नियमों का पेच और आम नागरिक की दुविधा
नियमानुसार, किसी
भी इमारत के निर्माण के समय निकलने वाले प्राथमिक मलबे (रैबिट) को हटाने की
जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर की होती है, जिसे वे बड़े ट्रकों के जरिए
ठिकाने लगा देते हैं। असली चुनौती तब शुरू होती है जब नए फ्लैट धारकों को पजेशन
मिलता है। फ्लैट में इंटीरियर डिजाइनिंग, टाइलिंग, प्लंबिंग
और जिप्सम फॉल्स सीलिंग का काम कराते समय भारी मात्रा में ईंट, सीमेंट, टाइल्स
और पुराने फर्नीचर का कचरा निकलता है।
बृहन्मुंबई
नगर निगम (BMC)
के मौजूदा नियमों के अनुसार, कचरा उठाने वाली नियमित
गाड़ियां इस प्रकार के निर्माण मलबे को स्वीकार नहीं करतीं। इसके कारण नए
गृहस्वामियों और गृहनिर्माण सोसायटियों को महीनों तक परिसर में मलबा दबा कर रखना
पड़ता है या निजी तौर पर मनमाने दामों पर सफाई करानी पड़ती है।
डोर-टू-डोर मॉडल से मिला त्वरित समाधान
क्षेत्र
में पैदा हुए इस बड़े गैप को समझते हुए मुलुंड में जन्मे और पले-बढ़े जनसेवक तथा
कांग्रेस कार्यकर्ता विट्ठल सातपुते ने एक सुव्यवस्थित 'डोर-टू-डोर
रैबिट पिकअप'
सेवा का ढांचा तैयार किया है।
इस
व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- त्वरित परिवहन: तंग गलियों और सोसायटियों के परिसरों से सीधे मलबा उठाने के लिए छोटे
टेम्पो का उपयोग।
- पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण: एकत्रित किए गए मलबे को बीएमसी द्वारा अधिकृत डंपिंग/रीसाइक्लिंग स्थलों
पर भेजा जाता है, या अन्य निर्माण स्थलों पर भराव (Filling) के काम में लाया जाता है।
- पारदर्शी और वाजिब दरें: आम नागरिकों पर भारी वित्तीय बोझ डाले बिना बेहद किफायती शुल्क पर
निष्पादन।
सिंडिकेट में बौखलाहट, भ्रामक प्रचार का करारा जवाब
मुलुंड
में इस संगठित और किफायती सेवा के आने से उन असंगठित व बाहरी ठेकेदारों के
एकाधिकार को झटका लगा है, जो अब तक आम नागरिकों से मनमाना किराया
वसूलते थे। इसी व्यावसायिक खुन्नस के चलते कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया
प्लेटफॉर्म्स पर विट्ठल सातपुते और उनकी इस जनहितैषी सेवा के खिलाफ अनर्गल व
भ्रामक दुष्प्रचार फैला रहे हैं।
स्थानीय
निवासियों और जागरूक नागरिक संगठनों ने इस दुष्प्रचार की कड़े शब्दों में निंदा की
है। नागरिकों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी असत्यापित या फेक
खबर पर ध्यान न दें और ऐसे किसी भी संदिग्ध पोस्ट को तुरंत 'रिपोर्ट' व 'ब्लॉक' करें।
यदि
आपकी सोसायटी या व्यक्तिगत फ्लैट में इंटीरियर का काम चल रहा है और मलबे के
निस्तारण की आवश्यकता है, तो इस सेवा का लाभ उठाने के लिए सीधे
संपर्क किया जा सकता है:
- संपर्क सूत्र: विट्ठल सातपुते — +91 98206 85674
- नागरिकों से अपील: इस जनहितैषी जानकारी को अपनी स्थानीय सोसायटियों और व्हाट्सएप ग्रुपों
में अधिक से अधिक साझा करें ताकि जरूरतमंदों को सही मार्गदर्शन मिल सके।
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