Sunday, July 5, 2026

मुलुंड में MSEDCL और Vascon Engineers की बड़ी लापरवाही; मानसून की पहली बारिश में LIC कॉलोनी बनी 'डेंजर जोन'



https://youtu.be/LzaVA4e4i6E

https://x.com/PatrakarNManiar/status/2073754117995118856?s=20

मानसून की पहली बारिश में ही खुली दावों की पोल: मुलुंड वेस्ट की एलआईसी कॉलोनी में MSEDCL और ठेकेदार की लापरवाही से मचा हाहाकार

https://www.facebook.com/share/p/1DCZ6n1Du8/

सिर्फ 6 दिनों में काम पूरा कर सड़क दुरुस्त करने का लिखित भरोसा दिया था, लेकिन हफ्तों बीतने के बाद भी मलबा और जानलेवा गड्ढे जस की तस।

https://www.powerpublicationstudio.com/post/मुलुंड-में-msedcl-और-vascon-engineers-की-बड-ी-लापरवाही-मानसून-की-पहली-बारिश-में-lic-क-लोनी-बनी-डें

विशेष संवाददाता, मुलुंड (मुंबई) : 05 जुलाई, 2026 :

हर साल मानसून के आते ही बीएमसी और प्रशासनिक गलियारों से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। ऐसा ही एक जीता-जागता और भयानक उदाहरण मुलुंड वेस्ट के डॉ. आर. पी. रोड स्थित एलआईसी कॉलोनी (गिरी विहार एसोसिएशन) में देखने को मिल रहा है। यहाँ महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) और उसके लापरवाह कांट्रैक्टर (मैसर्स वास्कॉन इंजीनियर्स लिमिटेड) की मिलीभगत और घोर लापरवाही ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है।

प्रशासनिक अनुमति की आड़ में निजी रास्तों को खोदकर इस कदर लावारिस छोड़ दिया गया है कि आज एलआईसी कॉलोनी का पूरा इलाका एक 'डेंजर जोन' में तब्दील हो चुका है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी और दस्तावेजों के अनुसार, पुलिस हाउसिंग (एम. जी. रोड पुलिस लाइन मेगा टावर्स) और डॉ. आर. पी. रोड पर पुनर्विकसित हो रहे बीएमसी के एम. टी. अग्रवाल अस्पताल को बिजली आपूर्ति देने के लिए रुनवाल एंथुरियम एमएसईडीसीएल सबस्टेशन से 11 KV (किलोवॉट) की हाई टेंशन (HT) केबल बिछाने का काम चल रहा था। इसके लिए ठेकेदार वास्कॉन इंजीनियर्स ने एलआईसी कॉलोनी के गिरी विहार एसोसिएशन को एक अनुरोध पत्र देकर केवल 6 दिनों के भीतर काम पूरा करने और सड़क को पूर्ववत (पूरी तरह ठीक) करने का लिखित भरोसा दिया था।

लेकिन आज हफ्तों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। केबल तो डाल दी गई, लेकिन पूरी सड़क को जानलेवा गड्ढों, बिखरी हुई मिट्टी और मलबे के ढेर में तब्दील करके ठेकेदार रफूचक्कर हो गया।

ग्राउंड जीरो की भयावह स्थिति: स्विमिंग पूल बना बच्चों का गार्डन

कॉलोनी के जागरूक नागरिकों द्वारा साझा किए गए वीडियो और बयानों से जो हकीकत सामने आई है, वह रोंगटे खड़े करने वाली है। मानसून की शुरुआती बारिश ने ही ठेकेदार के 'पैचवर्क' की कलई खोल दी है।

·       धंस चुकी हैं सड़कें: केबल बिछाने के बाद गड्ढों को ठीक से भरा नहीं गया, जिसके कारण पूरी सड़क जगह-जगह से धंस गई है। ड्रेनेज लाइनें पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिससे गंदा पानी सोसायटियों के भीतर घुस रहा है।

·       स्विमिंग पूल बना गार्डन: जिस कॉमन गार्डन में कॉलोनी के छोटे बच्चे खेला करते थे, वह आज पानी से लबालब भरकर एक गहरा स्विमिंग पूल बन चुका है। रुके हुए इस गंदे पानी के कारण इलाके में मलेरिया और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

·       ऑटो चालकों ने किया आने से इनकार: वरिष्ठ नागरिकों की इस कॉलोनी में अब रिक्शा चालकों ने भी अंदर आने से साफ मना कर दिया है। उबड़-खाबड़ और धंसी हुई सड़कों के कारण गाड़ियां अनियंत्रित हो रही हैं।

स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा:

"यहाँ से गुजरते समय गाड़ियां स्किड हो रही हैं। पैदल चलने वाले बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सड़क पूरी तरह धंस चुकी है और ये लोग केबल को खुला छोड़कर चले गए। अगर किसी को कुछ हो गया, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?"

MSEDCL की चुप्पी और ठेकेदार की बेशर्मी

गिरी विहार एसोसिएशन द्वारा लगातार 18 अप्रैल और 26 अप्रैल 2026 को MSEDCL के मुख्य अधिकारी और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें भेजी गईं। हैरान करने वाली बात यह है कि ठेकेदार के प्रतिनिधि सचिन शेवड़े ने निवासियों से यह तक कह दिया कि उनके पास काम पूरा करने के लिए मटेरियल (सामग्री) ही उपलब्ध नहीं था!

शिकायत के बावजूद MSEDCL के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अधिकारियों को भेजे गए ईमेल्स तक बाउंस हो रहे हैं, जो विभाग की चरमराई व्यवस्था और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।

वरिष्ठ पत्रकार की टिप्पणी: किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन?

यह सीधे तौर पर आम जनता के टैक्स के पैसों का मखौल और उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है। जब यह काम पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से रास्तों को बर्बाद करके किया जा रहा है, तो MSEDCL की विजिलेंस और सिविल टीमें कहाँ सो रही हैं?

प्रशासन से हमारा सीधा सवाल है: क्या एलआईसी कॉलोनी में किसी मासूम की जान जाने या किसी बड़े हादसे के बाद ही आपकी कुंभकर्णी नींद खुलेगी?

हमारी मांग:

MSEDCL तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे, मैसर्स वास्कॉन इंजीनियर्स लिमिटेड के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए और युद्धस्तर पर इस सड़क का सुधारीकरण कर एलआईसी कॉलोनी के निवासियों को इस नारकीय स्थिति से निजात दिलाई जाए। जब तक यह सड़क पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।

इस खबर पर हमारी नजर लगातार बनी रहेगी...


 

No comments:

Popular Posts

79 Years of Independence — Entering the 80th Year of Glory

  79 years of freedom. 80th year of a nation that keeps rising, evolving and dreaming bigger. This is India. But as we celebrate, we m...